Skip to main content

Whats New

अगर करोना वायरस के लक्षण दिखें तो आपको यह करना है

जैसा की आप जानते हैं की करोना वायरस पूरी दुनिया मेँ तेजी से फ़ाइल रहा है और इसका कोई उपचार भी नहीं है लेकिन फिर भी कुछ करोना वायरस की चपेट मेँ आए हुए मरीज इस से राहत पाने मेँ सफल हुए हैं । 
अगर आपको अपने शरीर मेँ करोना वायरस के लक्षण दिखाई दें तो आपको नीचे दी गई बातों पर ध्यान देने की जरूरत है :-करोना वायरस होने के लक्षण यहाँ क्लिक करके जाने ज्यादा से ज्यादा पानी पी जिए और ज्यादा से ज्यादा तरल ली जीए । अच्छी नींद लें , आराम करें । अपने शरीर को गर्म रखें । कमरे मेँ गर्म हीटर आदि की सहायता से कमरे को गर्म रखें । नजदीकी हॉस्पीटल मेँ अपनी जांच कराएं और दावा लें । नारियल पानी पियें ताकि आपके शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़े ।  इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ! 

एक बार जरूर सुने और सुनाएं पितृ भक्त श्रवण कुमार की कथा भजन के माध्यम से


क्या आपने इस भजन को सूना ?  इस भजन में बताया गया है की मां बाप की सेवा करने का सौभाग्य बहुत मुस्किल से और भाग्यशाली इंसान को ही मिलता है ..... बहुत अच्छा भजन है सुनियेगा जरूर !!
लेकिन दुःख की बात है , आजकल मां बाप की सेवा बहुत कम ही लोग करते हैं .....
श्रवण कुमार को कौन नहीं जानता ?
श्रवण कुमार जैसा मात - पिता की सेवा करने वाला पुत्र अगर आज किसी मां - बाप का हो तो उस मां बाप जितना भाग्यशाली कोई नहीं !
इस कलयुग में हम देखते हैं की बच्चे अपने मां बाप को बुढापे में अकेला छोड़ देते हैं , उनकी हालत बहुत खराब होने पर भी उनके पास उनके बच्चे नहीं होते हैं, और एक और श्रवण कुमार थे जिन्होंने अपने मां बाप को काँधे पर उठा कर तीर्थ धाम घुमाया था |

समय के साथ - साथ बच्चों का मां बाप के प्रति प्रेम कम अति कम हो रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की मां बाप के प्रति पुत्र प्रेम को बयान करते इस भजन / श्रवण कुमार कथा पर कितने कम व्यूज हैं |
कितनी ही खबर सुनने को मिलती हैं की बूढ़े मां बाप को बेटे ने घर से निकाल दिया आदि |
आखिर क्या हो गया है हमारे इस समाज को ? क्या यही शिक्षित समाज है ?
धिक्कार है ऐसी शिक्षा पर जो मां बाप की सेवा करना ना सिखा सके, आप इस भजन को इक बार जरूर सुनियेगा और शेयर करके औरों को भी सुनाइएगा !

धन्य हैं वो माँ बाप जिन्हें श्रवण जैसा पुत्र प्राप्त हुआ !  और भाग्यशाली है वह पुत्र जिसे पितृ सेवा का मौका मिला !